जम्मू में वायु सेना स्टेशन पर हुए 27 जून को हमले के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय भारत में ड्रोन के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए एक नया नियम तैयार करने की प्रक्रिया में है। सार्वजनिक परामर्श के लिए नियमों का नया सेट 15 अगस्त के आसपास प्रकाशित होने की उम्मीद जताई जा रही है। यह नियम मौजूदा मानव रहित विमान प्रणाली नियमों को अपडेट करके तैयार किया जा रहा है। जिन्हे इस साल की शुरुआत में उपयोग करने के लिए जारी किया था।

एक न्यूज़ चैनल के रिपोर्ट के अनुसार नए नियमों से मेक इन इंडिया एंटी ड्रोन समाधानों का पता लगाने की उम्मीद है।यह 27 जून को जम्मू में विस्फोटों को अंजाम देने वाले बाद में क्षेत्र में देखेगा डॉन का पता लगाएंगे और प्रभावी ढंग से उन्हें बेअसर कर देंगे।

यह संशोधित नियम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पेश किए गए थे जब उन्होंने 29 जून को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गृहमंत्री अमित शाह और नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी से अपने आवास पर मुलाकात की थी और जम्मू के हालिया स्थिति और सामान्य सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया था।सूत्रों से मिली खबरों के मुताबिक नए नियम कमोवेश तैयार हैं लेकिन अभी कुछ काम होना बाकी है। नए नियमों के प्रकाशन की अनुमानित समय सीमा 15 अगस्त रखी गई है।

दरअसल 27 जून को जम्मू वायु सेना स्टेशन पर दो आईईडी बम गिराने के लिए कम उड़ान वाले ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। यह संभवत देश में किसी रक्षा प्रतिष्ठान पर पहला ड्रोन हमला होगा। विस्फोटों ने रात में स्टेशन के उच्च शिक्षा तक सुरक्षा तकनीकी क्षेत्र को हिला कर रख दिया था। बता दे कि इस हमले में भारतीय वायुसेना के दो कर्मियों को मामूली चोट आई थी।

Previous article15 हजार नहीं दे पाने के कारण डेढ़ महीने तक मोर्चरी में ही पड़ा रहा शव
Next articleभारत की दूसरी श्रेणी की टीम की मेजबानी करना अपमानजनक’, पूर्व श्रीलंकाई दिग्गज ने कह दी यह बड़ी बात