इतना हीं आपकी आवाज भी गूगल रिकॉर्ड करता है। इस बात की जानकारी मंगलवार को संसदीय समिति के सामने कही। जिसके बाद संसदीय समिति ने गूगल को जमकर तलाड़ लगाई।

दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजिन और आज के समय में इंटरनेट यूजर्स का साथी गूगल भी लोगों का डाटा चोरी करता है। इतना ही नहीं जो हम आप गूगल असिस्टेंस से ‘OK Google’ कहकर मदद मांगते हैं वह सब डाटा गूगल के पास चला जाता है। इतना ही नहीं आपकी आवाज भी गूगल रिकॉर्ड करता है।

इस बात की जानकारी मंगलवार को संसदीय समिति के सामने कही। जिसके बाद संसदीय समिति ने गूगल को जमकर तलाड़ लगाई। मिली जानकारी के मुताबिक, संसदीय समिति के सामने पेश हुए गूगल के प्रतिनिधियों ने डेटा गोपनीयता और सुरक्षा से जुड़ी एक मीटिंग में गूगल की तरफ से बड़ी बात कही गई है।

सूत्रों के मुताबिक, बताया गया है कि ‘ओके गूगल’ करके जब गूगल असिस्टेंस से कुछ पूछा जाता है, या बात की जाती है, उस रिकॉर्डिंग को गूगल के कर्मचारी भी सुन सकते हैं। गूगल की तरफ से यह जानकारी सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति को दी गई है।

शशि थरूर की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इसे उपयोगकर्ता की गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन माना है। इसपर कमेटी जल्द रिपोर्ट तैयार करके सरकार को आगे के कुछ सुझाव देगी। पैनल के सूत्रों ने बताया है कि गूगल ने माना कि जब यूजर्स गूगल असिस्टेंट शुरू करके ‘ओके, गूगल’ बोलकर बात करते हैं, उसे उनके कर्मचारी सुन सकते हैं।

गूगल से इससे जुड़ा सवाल झारखंड से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की तरफ से पूछा गया था। जवाब में गूगल टीम ने माना कि कभी-कभी जब यूजर्स वर्चुअल असिस्टेंट का इस्तेमाल नहीं भी करते, तब भी उनकी बातचीत को रिकॉर्ड किया जाता है। बता दें कि 2019 में गूगल प्रोडक्ट मैनेजर (सर्च) डेविड मोनसी ने एक ब्लॉग में भी इस बात को स्वीकारा था कि उनके भाषा एक्सपर्ट रिकॉर्डिंग को सुनते हैं जिस जिससे गूगल स्पीच सर्विस को ज्यादा बेहतर बनाया जा सके।

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