अमेरिकी अखबार ‘The New York Times’ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मोदी सरकार की नीतियां बोलने की आजादी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। लिंक्डइन पर एनवाईटी के हैंडल से साउथ एशिया बिजनेस कॉरसपॉन्डेंट के लिए ऐड निकाला गया था जिस पर न्यूजपेपर की ओर से विज्ञापन से जुड़े ब्यौरे पर टिप्पणी की गई। जॉब डिस्क्रिप्शन वाले सेक्शन में लिखा- भारत जल्द ही चीन को आबादी के मामले में पछाड़ देगा और विश्व मंच पर एक बड़ी आवाज जीतने की महत्वाकांक्षा रखता है।

आगे लिखा गया- भारत का भविष्य चौराहे पर खड़ा है, मोदी, देश के हिंदू बहुसंख्यक पर केंद्रित एक आत्मनिर्भर, बाहुबली राष्ट्रवाद की वकालत कर रहे हैं। ऐड में यह भी कहा गया कि ऑनलाइन भाषण और मीडिय प्रवचन को दबाने से जुड़े सरकार के बढ़ते प्रयासों ने मुक्त भाषण के साथ सुरक्षा और गोपनीयता के मुद्दों को संतुलित करने के बारे में कठिन प्रश्न उठाए हैं।

जान लें कि न्यूयॉर्क टाइम्स पूर्व में अपने लेख में कह चुका है कि पीएम नरेंद्र मोदी से भारत की धर्मनिरपेक्ष छवि के लिए खतरा है। न्यूयॉर्क टाइम्स NRC का विरोध करता है, न्यूयॉर्क टाइम्स लेख लिखकर कहता है, कि भारत हिंदू राष्ट्र बनने के करीब पहुंच रहा है? अनुच्छेद 370 की समाप्ति को लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स में रिपोर्ट छपी थी कि कश्मीर में हजारों मुस्लिम हिरासत में हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स भारत के मिशन मंगलयान का मजाक उड़ाकर माफी मांग चुका है।

अमेरिका के इसी अखबार ने भारत में पत्रकारों की भर्ती के लिए एक विज्ञापन निकाला है। जॉब डिस्क्रिप्शन वाले सेक्शन में कहा गया, भारत जल्द ही चीन को आबादी के मामले में पछाड़ देगा और विश्व मंच पर एक बड़ी आवाज जीतने की महत्वाकांक्षा रखता है। अपने करिश्माई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तहत भारत एशिया में चीन की आर्थिक और राजनीतिक ऊंचाई की प्रतिद्वंदिता करने के लिए आगे बढ़ गया है, एक नाटक जो उनकी तनावपूर्ण सीमा पर और पूरे क्षेत्र में राष्ट्रीय राजधानियों के भीतर चल रहा है।

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