सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को यूपी जनसंख्या नीति 2020-21 शुरुआत करेंगे, जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े की गतिविधियां भी शुरु हो जाएंगी। जनसंख्या विधेयक मसौदे के अनुसार अब दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी लाभ से वंचित किया जा सकता है, सरकारी नौकरियों में शामिल नहीं हो सकेंगे।

विधेयक के अनुसार 77 सरकारी योजनाओं व अनुदान के लाभ से वंचित किया जा सकता है, स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगेगा।जिस दिन ये कानून लागू होगा उससे एक साल के अंदर सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ पत्र देना होगा।इस शपथ पत्र में उन्हें बताना होगा कि कानून लागू होने के वक्त उन्हें दो ही बच्चे थे, अगर अब वह तीसरी संतान पैदा करते हैं तो बर्खास्त कर दिया जाए।

उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्व जनसंख्या दिवस यानी 11 जुलाई को अपनी नई जनसंख्या नीति 2021-30 जारी कर देगी. उत्तर प्रदेश की नई जनसंख्या नीति में उन लोगों को प्रोत्साहन प्रदान करने पर ध्यान केंद्गित करने की संभावना है जो जनसंख्या नियंत्रण में सरकार की मदद करेंगे। आयोग ने ड्राफ्ट अपनी वेबसाइट http://upslc.upsdc.gov.in/ पर अपलोड कर दिया है। 19 जुलाई तक जनता से राय मांगी गई है।

नई जनसंख्या नीति में घर का मालिक अगर सरकारी नौकरी में हैं और नसबंदी करवाते हैं तो उन्हेंं अतिरिक्त इंक्रीमेंट, प्रमोशन, सरकारी आवासीय योजनाओं में छूट, पीएफ में एम्प्लॉयर कंट्रीब्यूशन बढ़ाने जैसी कई सुविधाएं देने की सिफारिश की गई है और दो बच्चों वाले दंपत्ति अगर सरकारी नौकरी में नहीं हैं तो उन्हेंं पानी, बिजली, हाउस टैक्स, होम लोन में छूट व अन्य सुविधाएं देने का प्रस्ताव है।

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