नई दिल्ली। सफेद चाय (white tea) कमीलया साइनेंसिस पौधे की प्रोसेसड पत्तियों से बनाई जाती है। इस चाय के लिए पत्तियों को बहुत कम प्रोसेस करने की जरूरत होती है जहां वो या तो हवा में सुखाने या धूप में सुखाने से सूख जाते हैं। चाय का रंग हल्का पीला होता है। काली या हरी चाय की तुलना में सफेद चाय (white tea) का स्वाद बहुत हल्का होता है। अक्सर वाइट टी को ग्रीन टी के बाद दूसरे नंबर पर माना जाता है। सफेद चाय (white tea) सबसे पहले 16वीं शताब्दी के दौरान चीन के फ़ुज़ियान प्रांत में बनाई गई थी। फिर, 1876 में, यह चाय पहली बार अंग्रेजी पब्लिकेशन में दिखाई दी, जहां इसे काली चाय के रूप में बताया गया था। जानें सफेद चाय की रेसिपी और स्वास्थ्य लाभ।

सफेद चाय (white tea) कैसे बनाएं?

सफेद चाय (white tea)  आमतौर पर अपने मूल स्वाद को बनाए रखने के लिए कम तापमान पर बनाई जाती है। इसे केवल एक मिनट के लिए ही पकाना चाहिए। अगर चाय की पत्तियां कॉम्पैक्ट बड्स के रूप में हैं तो इसका एक चम्मच पकाने के लिए लें। अगर वे हल्के पत्ते हैं तो आधा छोटा चम्मच लें।

white tea
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सफेद चाय (white tea)  में कैफीन की मात्रा

कैफीन चाय बनाने पर निर्भर करती है। पारंपरिक सफेद चाय (white tea)  में कैफीन की मात्रा बहुत कम होती है। ऑक्सीकरण की कमी, कम पकने का समय और कम कैफीन के कारण, यह चाय काली चाय और कॉफी की तुलना में काफी कम नुकसानदायक है।

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सफेद चाय (white tea) के स्वास्थ्य लाभ

  1. सफेद चाय (white tea) में कैटेचिन नामक पॉलीफेनोल होता है। यह हमारे शरीर में एक एंटीऑक्सीडेंट गुण के रूप में काम करता है। यह उम्र बढ़ने, सूजन, कमजोर इम्यूनिटी और कई पुरानी बीमारियों आदि जैसे कई स्वास्थ्य मुद्दों के जोखिम को भी कम कर सकता है।
  2. सफेद चाय (white tea)  में मौजूद पॉलीफेनॉल्स दिल की बीमारी के जोखिम को भी कम कर सकते हैं।
  3. वाइट टी फैट बर्न करने के लिए प्रभावी होती है। यह आपके मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है जो वजन घटाने के लिए भी जिम्मेदार होता है।
  4. यह चाय फ्लोराइड, कैटेचिन और टैनिन के साथ आती है। यह हमारे दांतों को कैविटी, बैक्टीरिया और शुगर के प्रभाव से बचाने के लिए बहुत अच्छा है। फ्लोराइड दांतों की कैविटी को रोक सकता है; कैटेचिन दांतों को प्लाक बैक्टीरिया से बचाते हैं।
  5. सफेद चाय (white tea)  कैंसर के खतरे को कम करने के लिए फायदेमंद होती है।
  6. सफेद चाय (white tea)  में मौजूद पॉलीफेनोल इंसुलिन प्रतिरोध के जोखिम को कम करता है। इंसुलिन सबसे महत्वपूर्ण हार्मोन में से एक है।
  7. ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों से संबंधित बीमारी है। सफेद चाय (white tea)  में कैटेचिन ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करता है।
  8. चाय पुरानी सूजन से लड़ सकती है, इसलिए यह पार्किंसंस और अल्जाइमर रोगों के जोखिम को भी कम कर सकती है।

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